मुख पृष्ठ
श्रीमद् भगवद् गीता
श्री राम चरित मानस
आध्यात्मिक चिंतन
बृज चित्र-दर्शन
भजन-संगीत
प्रार्थना
समर्पण
आध्यात्मिक विचार - 8-04-2014
दूसरों के सुख का विचार रखने वाला व्यक्ति ही धर्म का आचरण करने वाला होता है और दूसरों को कष्ट देने का विचार रखने वाला व्यक्ति अधर्म का आचरण करने वाला ही होता है।
आध्यात्मिक विचार - 16-03-2014
असंभव को संभव बनाने का प्रयत्न करना ही व्यक्ति के दुख का मूल कारण होता है।
जिस प्रकार किसी के हो जाना संभव है, लेकिन किसी को अपना बनाना असंभव है।
नई पोस्ट
पुराने पोस्ट
मुख्यपृष्ठ
सदस्यता लें
संदेश (Atom)