आज का विचार

संत वही है जिसकी मन सहित सभी इन्द्रियाँ शान्त रहती है, साधु वही है जिसने मन सहित सभी इन्द्रियाँ को साध लिया है।

आज का विचार

संसार में जो कुछ भी हुआ, जो कुछ भी हो रहा है और जो कुछ भी होगा, वह सब भगवान के संकल्प से ही होता है।