मुख पृष्ठ
श्रीमद् भगवद् गीता
श्री राम चरित मानस
आध्यात्मिक चिंतन
बृज चित्र-दर्शन
भजन-संगीत
प्रार्थना
समर्पण
आध्यात्मिक विचार - 02-02-2014
स्वयं को प्राप्त ज्ञान को सर्वोच्च ज्ञान समझने वाला व्यक्ति वास्तव में अज्ञानी ही होता है।
आध्यात्मिक विचार - 01-02-2014
सुख और दुख तो बुद्धि की कल्पना मात्र है।
सहज रूप से प्राप्त वस्तु से मन को सुख की अनुभूति और प्रयत्न करके प्राप्त वस्तु से मन को दुख की अनुभूति होती है।
नई पोस्ट
पुराने पोस्ट
मुख्यपृष्ठ
सदस्यता लें
संदेश (Atom)