आध्यात्मिक विचार - 06-01-2012


संसार में सभी मनुष्य देवता या असुर होते हैं।

प्रकृति के नियमों को जानकर कर्म करने वाले व्यक्ति देवता होते हैं, और प्रकृति के नियमों को बिना जाने कर्म करने वाले व्यक्ति असुर होते हैं।

आध्यात्मिक विचार - 10-12-2011


संसार में सभी मनुष्य एक समय में आसुरी या दैवीय स्वभाव में स्थित होकर ही कार्य करते है।  

जब व्यक्ति स्वयं के हित की भावना से कार्य करता है, तब वह आसुरी स्वभाव में स्थित होता है।

जब व्यक्ति दूसरों के हित की भावना से कार्य करता है, तब वह दैवीय स्वभाव मे स्थित होता है।