आध्यात्मिक विचार - 27-5-2012


"काम, क्रोध और लोभ" मनुष्य के तीन प्रमुख शत्रु होते हैं, जो मनुष्य क्रोध और लोभ पर जीत हासिल कर लेता है तब "काम" उस मनुष्य का मित्र बन जाता है।

"लोभ" पर जीत दया की भावना से होती है, और "क्रोध" पर जीत अनुकूल और प्रतिकूल परिस्थिति में अविचल भावना से होती है। 

आध्यात्मिक विचार - 23-5-2012


दुखों की उत्पत्ति स्वयं के हित की भावना से कार्य करने से होती है, और सुखों की उत्पत्ति दूसरों के हित की भावना से कार्य करने से होती है। 

इसलिये प्रत्येक व्यक्ति को केवल अपनी भावना को जानने का प्रयत्न करना चाहिये, वह किस भावना से कार्य कर रहा है।