आध्यात्मिक विचार - 19-4-2012


प्रेम ही एक मात्र ईश्वर की आराधना है, प्रेम ही ईश्वर की साधना का परम ज्ञान है, प्रेम के बिना मन से ईश्वर का ध्यान करना भी संभव नहीं है।