आध्यात्मिक विचार - 04-08-2014


किसी को भी अपना बनाना असंभव है, लेकिन किसी का हो जाना संभव है। 

जो व्यक्ति किसी एक का भी हो जाता है वह सभी का मित्र बन जाता है और जो सभी का मित्र होता है वही भगवान का भक्त होता है।